Poem Hindi
तंग गलियां
तंग गलियों, अनबन और अधूरे घर के बीच एक-दूसरे को समझने की छोटी-सी मगर मुश्किल चाह।
- तंग गलियां
- रिश्ते
- अनबन
- घर
- खंडहर
इस मोहल्ले की गलियां इतनी तंग क्यों है, राहगीरों में इतनी अनबन क्यों है,
मैं तुझे समझूं तू मुझे समझे, इतनी सी बात मुश्किल क्यों है
ख्वाब था कि एक घर बनाएंगे, पत्थर जो जोड़े वो खंडहर क्यों है।
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