Hindi Poem
यादों की नदी
कोई हक नहीं मेरा इन कहानियों पर, इन यादों पर। मैं तो बस उन्हें बहते देखना चाहता हूँ।
- यादें
- आँखें
- कहानियाँ
- नदी
- रूह
- मन
रास्ते से प्रेरित एक डायरी
कुछ यात्राएँ सपनों से नहीं, जिज्ञासा से शुरू होती हैं। और कई बार वर्षों बाद भी वही जिज्ञासा हमारा सबसे सच्चा साथी बनी रहती है।
यादें जितनी पुरानी होती जाती हैं, उतनी ही धुँधली होती जाती हैं। आगे का रास्ता फिर भी सूरज की रोशनी से चमकता रहता है।