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Poem Hindi

चमक के पीछे

चमक, अँधेरे और खामोशी के बीच सुनाई देती एक छोटी कविता।

  • खामोशी
  • शहर
  • स्मृति
Artwork for Chamak Ke Peeche

जब तुम दूर से देखते हो इस चकाचौंध को,
जब अँधेरे का संगीत ढक ले इस कोलाहल को,
तब खामोशी भी कहानियाँ कहती है,
अगर तुम सुनने को बेचैन हो।